पेट फूलना (Bloating): असली वजहें और क्या करें
खाना खाने के बाद पेट फूलना, गैस बनना और कपड़े टाइट लगना बहुत आम बात है। ज़्यादातर बार वजह छोटी होती है — जल्दी-जल्दी खाना, कब्ज़, या कोई खाना जो पेट को सूट नहीं करता। लेकिन अगर पेट रोज़ फूलता है और साथ में दर्द या वज़न घटना भी है, तो इसे हल्के में न लें।
खाते समय हवा निगलना
जल्दी-जल्दी खाने, खाते हुए बात करने या स्ट्रॉ से पीने पर हम खाने के साथ हवा भी निगल लेते हैं। यह हवा पेट और आंतों में जमा होकर फूलने का एहसास देती है। सोडा, कोल्ड ड्रिंक और पैकेट वाली गैस वाली चीज़ें भी पेट में गैस बढ़ाती हैं। खाना आराम से, छोटे निवाले लेकर और अच्छी तरह चबाकर खाने से यह दिक्कत काफी कम हो जाती है। मुँह बंद करके चबाना छोटी बात लगती है, पर फर्क पड़ता है।
कब्ज़ भी एक बड़ी वजह है
जब पेट साफ नहीं होता, तो आंतों में मल रुकता है और गैस बनती रहती है। ऐसे में पेट भारी और फूला हुआ लगता है, चाहे खाना कम ही खाया हो। रोज़ पर्याप्त पानी, रेशेदार खाना — सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज — और खाने के बाद थोड़ी सैर कब्ज़ को रोकने में मदद करती है। अगर कब्ज़ हफ्तों से है या मल में खून आता है, तो घरेलू कोशिशों के बजाय डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
कुछ खाने पेट को सूट नहीं करते
राजमा, छोले, गोभी, प्याज़ और ज़्यादा दाल कुछ लोगों के पेट में ज़्यादा गैस बनाते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि ये खाने खराब हैं — इनमें रेशा (fiber) ज़्यादा होता है और आंत के बैक्टीरिया इन्हें तोड़ते समय गैस बनाते हैं। मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं और खूब पानी पिएं, तो पेट आदत डाल लेता है। दूध से दिक्कत हो तो वह अलग बात है, उसे आगे वाले लेख में समझाया है।
IBS से भी पेट फूलता है
कुछ लोगों को बिना किसी दिखने वाली बीमारी के बार-बार पेट फूलना, दर्द, गैस और कभी कब्ज़-कभी दस्त की शिकायत रहती है। इस हालत को IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम) कहा जाता है। इसमें आंत की जाँचें आमतौर पर सामान्य आती हैं, पर तकलीफ़ असली होती है। तनाव से यह बढ़ता है। अगर ऐसा पैटर्न महीनों से चल रहा है, तो खुद अंदाज़ा लगाने के बजाय डॉक्टर से मिलकर सही पहचान कराना बेहतर है।
घर पर क्या करके देखें
दो-तीन हफ्ते एक छोटी डायरी रखें — क्या खाया और कब पेट फूला। पैटर्न अक्सर खुद दिख जाता है। खाना समय पर और धीरे खाएं, रात का खाना सोने से दो-तीन घंटे पहले कर लें। खाने के बाद 10-15 मिनट टहलना हाज़मे में मदद करता है। अदरक या सौंफ का हल्का इस्तेमाल घरों में चलता है, पर कोई भी चीज़ रोज़ की दवा की तरह न लें। तकलीफ़ बनी रहे तो जाँच ही रास्ता है।
डॉक्टर को कब दिखाएं
- पेट फूलने के साथ तेज़ दर्द, उल्टी या बुखार हो
- बिना कोशिश किए वज़न घट रहा हो या भूख खत्म हो गई हो
- मल में खून आए, या मल का रंग बिल्कुल काला हो जाए
- पेट फूलना रोज़ हो और कई हफ्तों से ठीक न हो रहा हो
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