खाना हज़म न होना: अपच है या दूध से दिक्कत?

📋यह लेख नीचे दिए गए sources के आधार पर तैयार किया गया है। यह जानकारी शैक्षणिक है — निदान या इलाज के लिए डॉक्टर से मिलें।

खाना खाया और पेट भारी, डकारें, हल्की जलन या गड़बड़ शुरू — इसे आम बोलचाल में "हज़म न होना" कहते हैं। कभी-कभार भारी खाना खाने पर यह सामान्य है। लेकिन अगर कुछ खास खाने के बाद ही हर बार ऐसा होता है, तो पैटर्न पर ध्यान देना चाहिए — कई बार बात सिर्फ़ अपच नहीं, दूध जैसी किसी चीज़ के न पचने की होती है।

अपच (indigestion) क्या होता है

अपच अपने आप में बीमारी नहीं, लक्षण है — पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन, जल्दी पेट भर जाना, डकार, मितली या हल्की जलन। ज़्यादा खाना, जल्दी खाना, तला-मसालेदार खाना, चाय-कॉफी और तनाव इसे बढ़ाते हैं। ज़्यादातर अपच आदतों से जुड़ा होता है और आदतें बदलने से सुधरता है। अगर अपच हफ्तों बना रहे या साथ में वज़न घटे, तो ऊपर से कुछ और भी हो सकता है — डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

दूध न पचना (lactose intolerance) क्या है

दूध में लैक्टोज़ नाम की शक्कर होती है, जिसे तोड़ने के लिए शरीर में लैक्टेज़ नाम का तत्व चाहिए। उम्र बढ़ने पर कई लोगों में यह कम हो जाता है। तब दूध पीने के आधे-एक घंटे के अंदर पेट फूलना, गैस, गड़गड़ाहट या दस्त हो जाते हैं। यह दूध से एलर्जी नहीं है — एलर्जी अलग और गंभीर बात है। भारत में बहुत से बड़ों को इसका पता ही नहीं होता और वे सालों पेट की दवा खाते रहते हैं।

फर्क कैसे पहचानें

एक-दो हफ्ते ध्यान दें — तकलीफ़ दूध, चाय में ज़्यादा दूध या दूध वाली मिठाई के बाद ही होती है या हर खाने के बाद? कई लोगों को दही और पनीर से दिक्कत नहीं होती, क्योंकि उनमें लैक्टोज़ कम होता है; सिर्फ़ कच्चा दूध भारी पड़ता है। कुछ दिन दूध रोककर और फिर शुरू करके पैटर्न देखा जा सकता है। पक्की पहचान के लिए डॉक्टर साँस की जाँच (hydrogen breath test) या खून की जाँच की सलाह दे सकते हैं — खुद नतीजा निकालकर हमेशा के लिए दूध छोड़ना सही नहीं।

दूध छोड़ें तो कैल्शियम का क्या

अगर दूध सच में न पचे, तो भी घबराने की बात नहीं है। दही, छाछ, पनीर अक्सर चल जाते हैं। बाकी कैल्शियम रागी, तिल, बादाम, सोया और हरी पत्तेदार सब्ज़ियों से मिल सकता है। आजकल लैक्टोज़-रहित दूध भी मिलता है। मुद्दा यह है कि शरीर में कैल्शियम और विटामिन D की कमी न होने पाए — खासकर महिलाओं और बढ़ती उम्र में। कमी का शक हो तो जाँच कराकर डॉक्टर की सलाह से ही आगे बढ़ें।

डॉक्टर को कब दिखाएं

  • खाना निगलने में तकलीफ़ हो या खाना अटकता लगे
  • उल्टी में खून या कॉफ़ी-रंग का पदार्थ आए
  • अपच के साथ वज़न घटना, खून की कमी या काला मल हो
  • बच्चे को दूध के बाद खून वाले दस्त, सूजन या साँस की तकलीफ़ हो — यह एलर्जी हो सकती है, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

संबंधित उत्पाद — Amazon पर देखें

एक Amazon Associate के रूप में, SwasthX इस पेज के qualifying purchases से कमाता है। / As an Amazon Associate, SwasthX earns from qualifying purchases.

इसी विषय पर और